Remembering childhood spent in Patna

पटना छोड़े 12 साल हो गया. 20 जून 2004 को संपूर्णा क्रांति पकड़े थे दिल्ली के लिए. तब से पटना जाना, एक अन्नुअल पिलग्रिमेज हो गया जैसे. चलो बुलावा आया है…माता ने बुलाया है. जब से इंडिया छोड़े..तब से तो माता के बुलावे पे भी नही जा पाते हैं…पटना लेकिन बहुत याद आता है. वहीं पले-बढ़े…खेले-कूदे…पढ़े-लिखे…लोअफ्राइ-लंठई भी किए थोड़ा बहुत. दोस्त लोग बहुत अच्छा मिल गया था असल में…स्कूल वाला दोस्त सब भी..और कॉलोनी वाला दोस्त सब भी ..

बारिश के महीना में जब कंकारबाघ वेनिस बन जाता था…हमलोग का क्रिकेट बंद…पर लॉफ़्राइ चालू…पी सी कॉलोनी के हरेक सेक्टर में पहचान गया था हमलोग को…रोज़ शाम को हाज़िरी लगाने पहुँचते थे…अपने कॉलोनी में ही एक ‘हेअल्थि’ ( tuntun)नव-युवती को ये ग़लतफहमी हो गयी थी की हमलोगों के दूर-दर्शन कारया-क्रम में उसका भी मेजर रोल है…जब हमें पता चला था तो हमने उसे ‘सी-सेक्टर यंग में’स असोसियेशन’ के तरफ से अप्रिसियेशन कार्ड प्रेज़ेंट किया था…दूर-भाग्या से मेडम की हास्या-व्यंगा-इंद्रिया विकसित नही थी ज़्यादा.
वो भी एक ज़माना था….8-8 ओवर के मॅच होते थे रोज़ शाम को..कोस्को क्रिकेट की ‘टेन्निस’ बॉल से…अगर लाइन कट गया तो 4-4 ओवर का एक और मॅच…दूसरी कॉलोनी की टीम्स से मॅचस होते थे.. हर खिलाड़ी 1 रुपया डोनेट करता था (सेल्फ़ स्पॉनस्पोरशिप) जिससे एक दम सुग्गा-पंखी रंग वाली नयी कोस्को क्रिकेट बॉल आती थी और वोही जीत की ट्रोफी भी बनती थी…कभी कभी रेनबो फील्ड में वालंटेरिली डोनेटेड ह्यूमन फर्टाइलिसर में फर्टाइलिज़ होके…कितने बार जो अगर अपनी टीम मॅच हार रही होती थी…तो किसी बात पे झगड़ा करके मॅच भांडोल और नयी बॉल गायब.
दो बार ट्रिपलिंग में पकड़ाए थे पोलीस से….एक बार तो ‘सूडोपॉडैया’ का स्पेलिंग पूछ के छोड़ दिया था…समझ गया था की पढ़ने लिखने वाला लड़का सब है..ट्रिपलिंग करने के आगे और कुछ आसंवैधानिक कारया नही कर सकता है…

और भी बहुत सारी यादें…परिवार के साथ…दोस्तों के साथ…पटना से जुड़ी हुई…और ये अँग्रेज़ी में एक कहावत भी है की  आप किसी व्यक्ति को पटना से बाहर तो निकाल सकते हैं…पर्रंतु पटना को उस  व्यक्ति से बाहर कैसे निकालिएगा. पटना के इस लाल का अपनी जनम+पाल-पोस भूमि को खूबे सारा प्रणाम और प्यार…’खचकल्ला’ से दानापुर तक और अशोक-राजपथ से परसा बेज़ार तक…गर्दा उड़ते रहो पटना…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *